क्रिप्टोकरेंसी की दुनिया ने बीते दो सालों में निवेशकों को रोमांच, डर और मुनाफे तीनों का एक्सपीरिएंस कराया है। कभी आसमान छूती कीमतें, तो कभी अचानक गिरावट… 2023 से 2025 तक का सफर किसी रोलर कोस्टर से कम नहीं रहा। लेकिन अब सवाल यह है कि क्रिप्टो बाजार आज किस मुकाम पर खड़ा है और नया साल 2026 निवेशकों के लिए क्या संकेत लेकर आ रहा है?

बीते दो सालों में क्रिप्टो मार्केट ने जबरदस्त मजबूती दिखाई। 2023 में शुरू हुई तेजी 2024 में और तेज हो गई, जब बिटकॉइन ने लगातार नए रिकॉर्ड बनाए। 2025 आते-आते कुल क्रिप्टो मार्केट कैप पहली बार 4 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंच गया। बिटकॉइन अकेले ही 1.6 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा के मार्केट कैप के साथ पूरे बाजार का सबसे बड़ा हिस्सा बना रहा। इस दौरान यूजर्स की संख्या भी तेजी से बढ़ी और दुनियाभर में करोड़ों नए निवेशक क्रिप्टो से जुड़े।
ग्रोथ के पीछे का कारण
इस ग्रोथ के पीछे कई बड़े कारण रहे। अमेरिका और यूरोप में स्पॉट बिटकॉइन ETF को मंजूरी मिलने से इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स का भरोसा बढ़ा। इसके अलावा, टोकनाइजेशन और स्टेबलकॉइन जैसे सेगमेंट में भी तेजी देखने को मिली। हालांकि, रेगुलेटरी सख्ती, ब्याज दरों में बदलाव और वैश्विक अनिश्चितताओं की वजह से बाजार में उतार-चढ़ाव भी बना रहा।
2026 में क्या होगा?
अब अगर 2026 की बात करें, तो मार्केट एक्सपर्ट और Fiscal Forum के फाउंडर अरिहंत मेहता का मानना है कि क्रिप्टो का अगला फेज और ज्यादा मजबूत हो सकता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, आने वाले साल में इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टमेंट और बढ़ेगा और स्टेबलकॉइन ग्लोबल पेमेंट सिस्टम का अहम हिस्सा बन सकते हैं। इसके साथ ही रियल वर्ल्ड एसेट्स (RWA) की टोकनाइजेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल क्रिप्टो इंडस्ट्री को नई दिशा देगा।
बिटकॉइन
कुछ एनालिस्ट्स का अनुमान है कि बिटकॉइन अपने पारंपरिक चार साल के साइकल से अलग हटकर नए हाई बना सकता है, हालांकि वोलेटिलिटी पूरी तरह खत्म नहीं होगी। वहीं, कुछ एक्सपर्ट्स अल्पकालिक करेक्शन की संभावना भी जता रहे हैं, लेकिन लॉन्ग टर्म आउटलुक को लेकर वे अब भी पॉजिटिव हैं।
क्रिप्टोकरेंसी: मेनस्ट्रीम फाइनेंस का हिस्सा
कुल मिलाकर, क्रिप्टोकरेंसी अब केवल हाई-रिस्क एसेट नहीं रही, बल्कि धीरे-धीरे मेनस्ट्रीम फाइनेंस का हिस्सा बन रही है। हालांकि, एक्सपर्ट्स की सलाह साफ है कि निवेश से पहले सही जानकारी, खतरे का आकलन और लंबी अवधि की रणनीति बेहद जरूरी है। नया साल क्रिप्टो के लिए बड़े मौके लेकर आ सकता है, लेकिन समझदारी ही सबसे बड़ी कुंजी होगी।

