August 6, 2026

बिहार सरकार ने एआई से पकड़ी टैक्स चोरी, अब जमीन मालिकों से होगी 31 करोड़ की वसूली

बिहार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई तकनीक का इस्तेमाल कर सरकार ने कई जिलों में करोड़ों की टैक्स चोरी पकड़ी है। 3 महीने पहले राज्य के कई जिलों में एआई की पहचान के बाद हुई दस्तावज की जांच में यह खुलासा हुआ। निबंधन के समय जमीन और भवन के मूल्य के आकलन में गड़बड़ी कर यह टैक्स चोरी की गई। निबंधन विभाग के सचिव ने चिह्नित 838 दस्तावेजों के आधार पर अब लेख्यधारियों यानी जमीन मालिकों से 31 करोड़ रुपये की वसूली का आदेश दिया है।

निबंधन विभाग के सचिव अजय यादव ने कर चोरी के इस मामले को बेहद गंभीर बताया है। इन मामलों में निबंधन विभाग के कर्मियों की मिलीभगत की भी आशंका है। उन्होंने सभी अवर निबंधकों को उनके क्षेत्राधिकार में पहचाने गए सभी दस्तावेजों के आधार पर लेख्यधारियों से राशि की वसूली का निर्देश दिया है।

उन्होंने कहा कि अगर राशि की वसूली नहीं हो पाती है तो जमीन मालिकों पर नीलामवाद या दूसरे नियमों के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू की जाए। एआई के इस्तेमाल और राज्य भर में जांच के बाद पकड़ में आए इस खेल से निबंधन कार्यालयों में हड़कंप मचा है। बताया जाता है कि अब तक जितनी संख्या सामने आई है, वास्तविक उससे कहीं अधिक है।

विभागीय सचिव के निर्देश के अनुसार एआईजी राकेश कुमार ने अधिकारियों को आदेश जारी किया है। उन्होंने बताया कि जिले में निबंधन विभाग के लक्ष्य का महज 62 फीसदी राजस्व वसूली हो पाई है। वित्तीय वर्ष समाप्ति पर है और राजस्व वसूली में अपेक्षित प्रगति नहीं हो रही है।

उन्होंने सभी अवर निबंधक को राजस्व वसूली के लिए आवेदन मिलने के तीन दिनों के भीतर स्थल निरीक्षण का आदेश दिया है। कर्मियों की कमी होने की स्थिति में एआईजी ने लिपिकों को भी स्थल निरीक्षण के लिए भेजने को कहा है। साथ ही उन्होंने एमवीआर रीविजन के संबंध में भी रिपोर्ट मांगी है।

उल्लेखनीय है कि वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पहले नई एमवीआर दर लागू होने वाली है, इससे जमीन की कीमत में दो से चार गुना तक वृद्धि हो सकती है। इसके लिए विभाग ने सभी अवर निबंधन कार्यालय से रिपोर्ट मांगी है।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.