हमें पसंद ना करने वाले भी मानते हैं… संसद सत्र से पहले PM मोदी की 5 बड़ी बातें

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संसद के बजट सत्र के दूसरे दिन पीएम नरेंद्र मोदी ने मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने देश के हर व्यक्ति तक पहुंचने की कोशिश की है। कोई भी स्कीम हो, उसे समाज के आखिरी व्यक्ति तक पहुंचाया गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह बात तो हमें नापसंद करने वाले भी मानते हैं कि इस सरकार ने आखिरी व्यक्ति तक सुविधाएं पहुंचाने पर बल दिया है। हम इसी परंपरा पर आगे बढ़ने वाले हैं। भारत की डेमोक्रेसी और डेमोग्राफी दुनिया के लिए एक बड़ी उम्मीद है। उन्होंने कहा कि हम लोगों की उम्मीदों को पूरा करने के अपने लक्ष्य पर आगे बढ़ते रहने वाले हैं।

पीएम मोदी ने इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर भी बात की। प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति जी का उद्बोधन 140 करोड़ देशवासियों के आत्मविश्वास की अभिव्यक्ति था। उनका भाषण सभी सांसदों के लिए मार्गदर्शन से भरा था। सत्र के प्रारंभ में ही उन्होंने सांसदों से जो अपेक्षाएं व्यक्ति की हैं, मुझे पूरा विश्वास है कि उसे गंभीरता से सभी ने लिया होगा। आइए जानते हैं, पीएम मोदी के भाषण की 5 प्रमुख बातें…

  1. यह सत्र बहुत महत्वपूर्ण होता है क्योंकि इसी में बजट आता है। 21वीं सदी का एक चौथाई हिस्सा बीत चुका है। यह दूसरे चौथाई का प्रारंभ हो रहा है। 2047 में विकसित भारत का लक्ष्य है, जिसे प्राप्त करने के लिए अहम 25 वर्षों का दौर शुरू हो रहा है। यह शताब्दी के दूसरे क्वॉर्टर का पहला बजट आ रहा है। निर्मला सीतारमण देश की पहली ऐसी महिला वित्त मंत्री हैं, जो लगातार 9वीं बार संसद में बजट पेश करने जा रही हैं। यह महत्वपूर्ण पल इतिहास में दर्ज होने जा रहा है।
  2. यूरोपियन यूनियन के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि मुझे भरोसा है कि भारत के सभी मैन्युफैक्चरर इससे लाभ उठाएंगे। यह एक अवसर है और इसका पहला मंत्र यह है कि हम क्वॉलिटी पर बल दें। बाजार खुल गया है तो उत्तम से उत्तम क्वॉलिटी लेकर बाजार में जाएं।
  3. पीएम ने कहा कि यदि हम ऐसा करते हैं तो यूरोपियन यूनियन के 27 देशों के खरीददारों से ना सिर्फ पैसे कमाएंगे बल्कि दिल भी जीत लेंगे। इसका प्रभाव लंबे अरसे तक रहता है। कंपनियों का ब्रांड देश के ब्रांड के साथ नए गौरव को स्थापित करता है। हमारी नीति रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म की है। हम तो अब रिफॉर्म एक्सप्रेस पर ही चल पड़े हैं।
  4. देश लंबे समय से लंबित समस्याओं से निकल कर लॉन्ग टर्म सॉलूशन्स के रास्ते पर कदम रख रहा है। हमारे हर निर्णय में राष्ट्र की प्रगति हमारा लक्ष्य है। लेकिन हमारे सारे फैसले मानव केंद्रित हैं। हमारी भूमिका और योजनाएं मनुष्यों से संबंधित हैं। हम तकनीक को स्वीकार भी करते हैं और उसके साथ आगे भी बढ़ते हैं, लेकिन मानव केंद्रित व्यवस्था को हम कहीं से भी कम नहीं आंकते।
  5. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमें ना पसंद करने वाले भी कहते हैं कि इस सरकार ने आखिरी व्यक्ति तक सुविधाएं पहुंचाने पर बल दिया है। हम इसी परंपरा पर आगे बढ़ने वाले हैं। भारत की डेमोक्रेसी और डेमोग्राफी दुनिया के लिए एक बड़ी उम्मीद है।
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