Vastu Tips: पूजा घर बनवाते वक्त 70 प्रतिशत लोग करते हैं ये गलती, आप जान लें ये 3 जरूरी नियम

Bihar India News

हिंदू धर्म में रोजाना पूजा-पाठ करना बहुत जरूरी माना जाता है। सदियों से ये परंपरा चली आ रही है। ऐसे में सभी घरों में पूजा घर का होना जरूरी माना जाता है। वास्तु शास्त्र के हिसाब से पूजा घर की दिशा हमारे घर की एनर्जी को बहुत प्रभावित करती है। अगर सही दिशा का चुनाव ना किया जाए तो घर की शांति हमेशा ही भंग रहती है। ऐसे घरों में हमेशा कलेश की स्थिति बनी रहती है।

वास्तुशास्त्र में बताया गया है कि हमेशा ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा की ओर ही पूजा घर होना चाहिए। हालांकि इस नियम का पालन करने के बाद भी लोग एक बड़ी गलती करते हैं। अगर आप घर बनवा रहे हैं तो आपको इसकी जानकारी जरूर होनी चाहिए। साथ ही जानेंगे कि वो कौन से 3 नियम हैं जो हमें पूजा घर बनवाते वक्त ध्यान में रखना चाहिए?

आम तौर पर लोग दिशा देखकर पूजा घर तो बनवा देते हैं। दिशा सही होती है और इंटेंशन भी लेकिन एक चीज है जो अधिकतर लोग कर देते हैं। दरअसल कई लोग पूजा घर के बेस के लिए बड़ा सा चबूतरा बनवा देते हैं जोकि वास्तु के हिसाब से शुभ नहीं माना जाता है। अगर ऐसा करवाया जाता है तो इससे ईशान कोण पर बहुत ज्यादा भार हो जाता है। इसकी जगह ऐसा कर सकते हैं कि पूजा वाला स्थान सामान्य जमीन से हल्की सी ही ऊंची हो। यहां पर भारी चबूतरा नहीं बनवाना चाहिए। भारी-भरकम चबूतरे से घर का वास्तु खराब होता है।

वास्तु के अनुसार पूजा घर में कभी भी खड़ी हुई मूर्ति नहीं रखनी चाहिए। कोशिश करनी चाहिए कि मूर्ति बैठी हुई है क्योंकि वास्तु के हिसाब से इसे अच्छा और शुभ माना जाता है। साथ ही नौ इंच से बड़ी मूर्ति को पूजा घर में रखने से बचना चाहिए। शास्त्र के अनुसार पूजा घर में मूर्ति की स्थापना इस तरह से होनी चाहिए कि पूजा करते समय हमारा चेहरा ईशान कोण की ओर हो। तो ये तीन बातें हैं तो हर किसी को याद रखनी चाहिए। अगर इन छोटी-छोटी चीजों पर अमल लाया जाए तो हम जिंदगी की कई बाधाओं को ऐसे ही खत्म कर सकते हैं।

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