चुनावी हार से पस्त खेसारी लाल का सियासत से संन्यास? कहा- सच बोलकर राजनीति नहीं कर सकते

Breaking India News

भोजपुरी के जाने माने सिंगर एक्टर खेसारी लाल यादव ने कहा है कि राजनीति करने के लिए झूठ बोलना पड़ता है। इसके बगैर राजनीति नहीं हो सकती। झूठ नहीं बोल पाने के लिए नेता नहीं बन सकता। 2025 के विधानसभा चुनाव में राजद के टिकट पर किस्मत आजमा चुके खेसारी लाल यादव ने कहा कि राजनीति उनके वश की बात नहीं। वह कलाकार ही ठीक हूं। बीजेपी में जाने की संभावना से भी उन्होंने इनकार दिया। छपरा सीट पर एनडीए की छोटी कुमारी ने उन्हें हरा दिया।

पत्रकारों से बात करते हुए खेसारी लाल यादव ने कहा कि कलाकारों की अपनी अलग दुनिया है जहां झूठ नहीं बोला जाता। राजनीति में वे नहीं चल पाएंगे क्योंकि यहां समय देखकर झूठ सच बोलना पड़ता है। झूठ बोलने वाले ही यहां टिक पाते हैं। सच बोलकर राजनीति नहीं कर सकते। इसलिए मुझे कलाकार ही रहने दीजिए। मैं वहीं पर ठीक हूं। सियासत मेरे वश की बात नहीं है। मोटा मोटी उन्होंने पहले चुनाव में करारी हार के बाद सन्यास ले लिया है। यह उनका पहला चुनाव आखिरी साबित हो सकता है।

खेसारी लाल ने कहा कि एक बार सिचुएशन बना तो चुनाव लड़कर देख लिया। अब और नहीं। उन्होंने बीजेपी ने जाने की संभावना से भी इनकार किया। कहा कि अब कहीं नहीं जा रहा। कलाकार रहते हुए लोगों की सेवा करूंगा। मैं सच बोलने वाला आदमी हूं। मुझे संगीत से मतलब है और संगीत ही मेरा जीवन है।

एक सवाल के जवाब में खेसारी लाल ने कहा कि पवन सिंह भैया का गाना देश भर में बजता है, मेरा गाना चांद पर। दरअसल पवन सिंह के गाने पर स्टार क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी के डांस का वीडियो सामने आया है। इस पर खेसारी लाल ने कहा कि गाना किसी का हो नाम और मान तो भोजपुरी का बढ़ रहा है। बहुत अच्छा है कि वैभव सूर्यवंशी जैसे क्रिकेटर ने भोजपुरी को समझा। कलाकार और क्रिकेटर मिलकर भोजपुरी का मान बढ़ाएंगे।

भोजपुरी फिल्मों में ऐक्टिंग और सिंगिंग से अपनी खास पहचान बना चुके खेसारी लाल यादव का असली नाम शत्रुघ्न यादव है। वे काफी संघर्ष करके इस मुकाम तक पहुंचे। खेसारी लाल ने 2025 में बिहार विधानसभा चुनाव से पहले अक्टूबर में राजनीति में कदम रखा और राजद में शामिल हो गए। आरजेडी ने उनकी लोकप्रियता को देखते हुए सारण लोकसभा क्षेत्र के तहत आने वाली छपरा विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया। बीजेपी ने छोटी कुमारी को उनके खिलाफ उतारा जिनकी जीत हो गई। हार के बाद खेसारी लाल राजनीति से विमुख होते चले गए।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *