पाकिस्तान के कहने पर ईरान को दी मोहलत, ट्रंप ने खुफिया मिशन का किया खुलासा; भारत का जिक्र

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को एक बार फिर पाकिस्तान की तारीफ करते हुए खुलासा किया कि उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की गुजारिश पर ईरान को मोहलत दी। साथ ही, उन्होंने एक खुफिया अमेरिकी मिशन का भी जिक्र किया जिसमें हॉर्मुज की खाड़ी से 10 करोड़ बैरल से ज्यादा तेल और 200 से अधिक कमर्शियल जहाज सुरक्षित निकाले गए। इस दौरान ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध रोकने का दावा भी दोहराया।

ट्रंप ने अमेरिकी सेना को दुनिया की सबसे ताकतवर सेना बताते हुए कहा कि उन्होंने पाकिस्तान की मदद की है। ट्रंप ने वाइट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा- पाकिस्तान के अनुरोध पर मैंने ईरान को राहत दी। फील्ड मार्शल और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने गुजारिश की थी। हमने उन्हें भारत के साथ युद्ध करने से रोका। अगर मैं न होता, तो परमाणु युद्ध हो जाता।” ट्रंप ने यह भी बताया कि पाकिस्तान के ईरान के साथ करीबी संबंध हैं और पाकिस्तान ईरान को सही कदम उठाने के लिए मनाने की कोशिश कर रहा है।

ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं पर बेहद सख्त रुख अपनाते हुए ट्रंप ने चेतावनी दी कि एक परमाणु-हथियार संपन्न ईरान पूरे मध्य पूर्व को अस्थिर कर देगा। उन्होंने कहा, “अगर ईरान के पास परमाणु हथियार होता, तो इजरायल का नामोनिशान नहीं रहता, कोई मध्य पूर्व नहीं बचता और उन्होंने निश्चित रूप से हम पर भी फायर किया होता।”

ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा कि अमेरिका ने ईरान पर कड़े प्रहार किए हैं और यह हमले आगे भी जारी रहेंगे। ट्रंप ने संकेत दिया कि ईरान द्वारा अमेरिकी ‘अपाचे’ हेलीकॉप्टर को मार गिराए जाने के बाद अमेरिका को सैन्य कार्रवाई करने का पूरा आधार मिल गया है। उन्होंने कहा, “हेलीकॉप्टर की घटना के आधार पर, मुझे लगता है कि हमें ऐसा करने का अधिकार है।” ट्रंप ने कड़े शब्दों में कहा, “हमने कल उन पर करारा प्रहार किया। हम आज भी उन पर जोरदार हमला करने जा रहे हैं… हम उन पर बहुत ही जबरदस्त तरीके से हमले करते रहेंगे।”

ट्रंप ने वाइट हाउस में बोलते हुए कहा कि अमेरिकी सेना ने पिछले महीने एक गुप्त मिशन चलाया, जिसमें हॉर्मुज की खाड़ी से लाखों बैरल तेल निकाला गया। बाद में ट्रथ सोशल पर उन्होंने विस्तार से लिखा: पिछले महीने, मैंने हमारी शानदार अमेरिकी सेना को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले तेल टैंकरों और दूसरे कमर्शियल जहाजों की सुरक्षा के लिए एक गुप्त मिशन चलाने का निर्देश दिया था। आज मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि इस कोशिश के नतीजे में 10 करोड़ बैरल से ज्यादा तेल इस स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरकर खुले बाजार तक पहुंचा है। 200 से ज्यादा कमर्शियल जहाज सुरक्षित रूप से यहाँ से गुजरे हैं।”

ट्रंप का दावा है कि ईरान को इस मिशन की जानकारी नहीं थी और अमेरिका अब हॉर्मुज पर नियंत्रण रखता है, न कि ईरान। उन्होंने इसे ईरान की सैन्य हार और आर्थिक संकट का सबूत बताया। इस मिशन से वैश्विक तेल कीमतों पर सकारात्मक असर पड़ा है।

कुल मिलाकर, ट्रंप का यह बयान दर्शाता है कि अमेरिका एक तरफ ईरान के साथ कूटनीतिक समझौते के दरवाजे खुला रखना चाहता है, लेकिन दूसरी तरफ उसने सैन्य दबाव को भी चरम पर रखा हुआ है। अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर के गिराए जाने को अमेरिका ने अपनी सैन्य कार्रवाई का मुख्य आधार बनाया है।

 

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