October 21, 2026

योगी सरकार छात्रों को इससे बचाने के लिए नई नीति बनाएगी, विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में खुलेंगे सेंटर

योगी सरकार छात्रों को तनाव मुक्त शिक्षा व अवसाद से बचाने के लिए नई नीति बनाएगी। मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण नीति के तहत छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान दिया जाएगा। विश्वविद्यालयों व डिग्री कॉलेजों में मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र खोले जाएंगे। हर विभाग में नोडल अफसर तैनात किए जाएंगे। छात्रों के लिए वर्कशॉप व ट्रेनिंग प्रोग्राम भी चलाए जाएंगे।

मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण नीति के तहत यूपी सरकार ने बजट में 14.50 करोड़ का प्रावधान किया है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की गाइडलाइन के अनुसार ही यूपी भी अपने उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए नीति तैयार करेगा। मनोवैज्ञानिक के साथ-साथ 500 छात्रों पर एक फैकल्टी मेंटर की तैनाती होगी। विद्यार्थियों के लिए एक हेल्पलाइन नंबर भी तैयार किया जाएगा। जिसकी मदद से वह अवसाद में होने या तनाव होने पर वह मदद ले सकेंगे। मानसिक स्वास्थ्य प्रोफेशनल के रूप में साइक्लोजिस्ट, क्लीनिकल साइक्लोजिस्ट व साइक्रेट्रिक सोशल वर्कर इत्यादि की तैनाती की जाएगी। छात्र, शिक्षक व कर्मचारियों के प्रतिनिधियों को विशेषज्ञों की मदद से ट्रेनिंग दिलाई जाएगी। यह छात्रों पर नजर रखेंगे और उसकी रिपोर्ट उनके विभागाध्यक्ष को देंगे। जिससे तत्काल समस्या का समाधान व उपचार शुरू किया जा सके। विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित कर छात्रों को तनाव मुक्त रहने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित मामलों के आंकड़ों को एकत्र किया जाएगा। कितने छात्रों में यह समस्या देखी गई, जांच के बाद अवसाद में होने की कितने छात्रों में पुष्टि हुई। ऐसे छात्रों के लिए कितने काउंसिलिंग सत्र आयोजित किए गए। जरूरत के अनुसार बाहर से मानसिक स्वास्थ्य प्रोफेशनल की सेवा ली गई। फैकल्टी मेंटर की ओर से कितने काउंसिलिंग सत्र आयोजित कराए गए। प्रत्येक संस्थान ऐसे छात्रों का डाटा तैयार करेगा। बचाव के लिए क्या उपाय किए गए और कितने छात्रों को राहत मिली इसकी जानकारी देनी होगी।

मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण कमेटी का गठन किया जाएगा। जिसमें डीन स्टूडेंट वेलफेयर, फैकल्टी प्रतिनिधि, हॉस्टल वार्डेन, कर्मचारी प्रतिनिधि व छात्र प्रतिनिधि भी होंगे। यही नहीं छात्रों के परिवार व पूर्व छात्रों को भी इस कमेटी में शामिल किया जाएगा। मानसिक तनाव व अवसाद से छात्रों को बचाने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में भी जानकारी लेगी।

संस्थानों में स्थापित किए जाने वाले मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र में साइक्लोजिस्ट, क्लीनिकल साइक्लोजिस्ट व साइक्रेट्रिक सोशल वर्कर के साथ-साथ सहयोगी स्टॉफ होगा। यह जिला स्तरीय मानसिक स्वास्थ्य प्रोग्राम, मानसिक स्वास्थ्य अस्पताल व क्लीनिक से जुड़े रहेंगे। उपचार के लिए आयुष्मान भारत योजना की सुविधाएं भी छात्रों को दी जाएंगी।

 

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