GDP आंकड़ों ने किया गदगद, Q3 में 7.8% रही अर्थव्यवस्था की ग्रोथ रेट, नए तरीके से हुआ कैलकुलेशन

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GDP Update: भारत की अर्थव्यवस्था तेजी के साथ आगे बढ़ रही है। जीडीपी के ताजा आंकड़े इस बात पर मुहर लगा रहे हैं। सरकार की तरफ से जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था की ग्रोथ रेट 7.8 प्रतिशत रही है। यह पिछले वर्ष की समान अवधि के 7.4 प्रतिशत की तुलना में अधिक है। हालांकि, सितंबर तिमाही के 8.4 प्रतिशत के ग्रोथ रेट की तुलना में कम है।

वित्त वर्ष 2026 के लिए जीडीपी अनुमानों को पहले ही बढ़ा दिया गया था। 7.1 प्रतिशत के बढ़ाकर जीडीपी प्रोजेक्शन 7.6 प्रतिशत कर दिया गया था।

जीडीपी आंकड़े इस बार नए सीरीज से जारी हुए हैं। बेस ईयर को 2011-12 से बदलकर 2022-23 कर दिया गया है। जनवरी 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार भारत का राजकोषीय को घाटा 9.81 लाख करोड़ रुपये था। वहीं, चालू वित्त वर्ष के नौ महीने में कुल एक्सपेंडिचर 36.90 लाख करोड़ रुपये रहा है।

वार्षिक और तिमाही राष्ट्रीय आय के ये अनुमान न्यू नेशनल इनकम सीरीज के तहत जारी किए गए हैं। अब 2011-12 को बेस ईयर मानने वाली पुरानी सीरीज की जगह 2022-23 को नया आधार वर्ष बनाया गया है। आधार वर्ष वह टाइम पीरियड होता है, जिसके दाम और उत्पादन स्तर को मानक मानकर आगे की वृद्धि दर की तुलना की जाती है।

इसके साथ ही जुलाई-सितंबर 2025-26 की ग्रोथ रेट को संशोधित कर 8.4 प्रतिशत कर दिया गया है, जो पहले 8.2 प्रतिशत आंकी गई थी। हालांकि, अप्रैल-जून तिमाही की ग्रोथ रेट को 7.8 प्रतिशत से घटाकर 6.7 प्रतिशत कर दिया गया है।

आधार वर्ष में बदलाव से आर्थिक गतिविधियों के आकलन का दायरा व्यापक होता है और नई संरचना के अनुरूप आंकड़ों को अद्यतन किया जाता है। इससे अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति को बेहतर तरीके से दर्शाया जा सकता है।

 

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