ईरान युद्ध के बीच पाकिस्तान के मध्यस्थता के लिए आगे आने पर भारत विदेश नीति पर कई तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि भारत इस युद्ध के दौरान भी होर्मुज के रास्ते से अपने टैंकरों को निकलवाकर एक तरह से अन्य देशों से ज्यादा सफल रहा है। वहीं भारत की नजरें अब नई दिल्ली में होने वाली क्वाड की बैठक पर है। इसमें अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो सहित अन्य देशों के विदेश मंत्री शामिल हो रहे हैं। अगल महीने मार्को रूबियो भारत की यात्रा करेंगे। इससे पहले विदेश सचिव विक्रम मिसरी अमेरिका पहुंचे हैं और उन्होंने क्वाड की बैठक को लेकर रूबियो के साथ चर्चा की।
मिसरी तीन दिन की यात्रा पर अमेरिका पहुंचे हैं। उन्होंने और रुबियो ने ‘वाइट हाउस’ (अमेरिका के राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) में मुलाकात कर खास तौर पर व्यापार, महत्वपूर्ण खनिज, रक्षा और ‘क्वाड’ पर विशेष ध्यान देते हुए द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की। वहीं विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जापान के अपने समकक्ष से बात की और दोनों देशों के सबंधों पर चर्चा की। जापान ने भी संकेत दिए हैं कि क्वाड की बैठक में विदेश मंत्री मोटेगी शामिल होंगे। हालांकि अब तक ऑस्ट्रेलिया की तरफ से कोई पुष्टि नहीं की गई है।
कई महीनों की देरी के बाद नई दिल्ली में क्वाड की यह बैठक होने वाली है। बता दें कि क्वाड के जरिए भारत बड़ा पावर प्लेयर बनना चाहता है। चीन और अमेरिका की दुश्मनी लगातार बढ़ रही है। इसके अलावा जापान और चीन के भी संबंध अच्छे नहीं हैं। ऐसे में इन समीकरणों का फायदा भारत को मिल सकता है।
म्यांमार में 2021 में हुए तख्ता पलट के बाद चीन ने यहां पैठ बना ली। ऐसे में यहां के दुर्लभ खनिजों का इस्तेमाल चीन करने लगा। वहीं पश्चिमी देशों की पाबंदियों की वजह से म्यांमार भी चीन पर निर्भर होने को मजबूर हो गया। ऐसे में चीन ने म्यांमार के 80 फीसदी रेयर मिनरल के निर्यात पर कब्जा जमा लिया। अब अमेरिका भी म्यांमार से संपर्क बढ़ा रहा है। हालांकि भारत की मदद के बिना अमेरिका का म्यांमार में पैठ बनाना मुश्कलि है। ऐसे में अमेरिका इस मामले में भारत पर निर्भर है। यह भारत की कूटनीति में बड़ा सहयोगी हो सकता है।
बैठक में मौजूद भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ”वाइट हाउस में विक्रम मिसरी का स्वागत है। मंत्री रुबियो के साथ सार्थक बैठक हुई जिसमें हमारे द्विपक्षीय संबंधों, खास तौर पर व्यापार, महत्वपूर्ण खनिज, रक्षा एवं ‘क्वाड’ पर ध्यान केंद्रित किया गया।” गोर ने कहा कि मंत्री रुबियो अगले महीने भारत की यात्रा को लेकर उत्सुक हैं।
अमेरिका स्थित भारतीय दूतावास ने ‘एक्स’ पर लिखा, ”हम भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों एवं अन्य कई क्षेत्रों में अपनी भागीदारी को और गहरा करने के लिए तत्पर हैं।” इससे पहले, मिसरी ने अमेरिका के उप विदेश मंत्री क्रिस्टोफर लैंडौ और राजनीतिक मामलों की अवर विदेश मंत्री एलिसन हूकर से अलग-अलग मुलाकात की।
विदेश मंत्रालय के प्रधान उप प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने एक बयान में कहा, ”उप विदेश मंत्री क्रिस्टोफर लैंडौ ने भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी से वाशिंगटन में मुलाकात की। नेताओं ने दोनों देशों के बीच करीबी साझेदारी की पुन: पुष्टि की और फारस की खाड़ी संबंधी स्थिति तथा अन्य वैश्विक एवं क्षेत्रीय प्राथमिकताओं के बारे में जानकारी साझा की।” भारतीय दूतावास के अनुसार, मिसरी और लैंडौ ने द्विपक्षीय प्राथमिकताओं पर चर्चा की तथा पारस्परिक चिंता के क्षेत्रीय एवं वैश्विक घटनाक्रम पर भी अपने विचार साझा किए।
हूकर ने कहा कि उन्होंने और मिसरी ने इस बात पर चर्चा की कि भारत और अमेरिका रक्षा एवं अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में किस तरह और निकटता से मिलकर काम कर सकते हैं। उन्होंने कहा, ”हम अमेरिकियों और भारतीयों, दोनों को अधिक सुरक्षित एवं समृद्ध बनाने के व्यावहारिक तरीके तलाश रहे हैं, जिनमें क्वाड के जरिये किए जा रहे प्रयास भी शामिल हैं।”
अमेरिका में भारत के दूतावास ने कहा कि हूकर और मिसरी ने पिछले साल दिसंबर में हुई विदेश कार्यालय परामर्श वार्ता के बाद से भारत-अमेरिका द्विपक्षीय एजेंडे की समीक्षा की।
दोनों राजनयिकों ने पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रम के साथ-साथ आपसी हितों से जुड़े क्षेत्रीय मुद्दों पर भी अपने आकलन साझा किए।
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे डी वेंस के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ईरानी नेताओं के साथ वार्ता के लिए इस्लामाबाद जा रहा है। युद्धरत पक्ष, पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुए दो सप्ताह के युद्धविराम पर सहमत हुए हैं।
मिसरी ने अमेरिकी सुरक्षा एजेंसी एफबीआई के निदेशक काश पटेल के साथ भी मुलाकात की। मिसरी एवं पटेल ने वाशिंगटन में हुई बैठक के दौरान आतंकवाद, संगठित अपराध और मादक पदार्थों से निपटने में सहयोग पर चर्चा की।
अमेरिका में भारतीय दूतावास ने बृहस्पतिवार रात सोशल मीडिया पर एक ‘पोस्ट’ में कहा, ”विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने आज एफबीआई (संघीय जांच ब्यूरो) के निदेशक काश पटेल से मुलाकात की। दोनों के बीच आतंकवाद, संगठित अपराध और मादक पदार्थों से निपटने में भारत-अमेरिका के बीच मजबूत सहयोग पर सार्थक विचार-विमर्श हुआ।”

