पश्चिम बंगाल में चुनाव ड्यूटी पर गए उत्तर प्रदेश के आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा का एक वीडियो एक्स पर पोस्ट कर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए आईपीएस अधिकारी को धमकाने वाले स्टाइल में कहा कि इन्हें न भागने देंगे और न भूमिगत होने देंगे। समय आने पर इन्हें सजा दिलाएंगे। यहां तक कहा कि यह लोकतंत्र के अपराधी हैं, यह बख्शे नहीं जाएंगे।
दरअसल अखिलेश यादव ने जो वीडियो पोस्ट किया है वह पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का है। चुनाव आयोग ने अजय पाल शर्मा को पुलिस पर्यवेक्षक बनाकर बंगाल भेजा है। बंगाल में दूसरे और अंतिम चरण का मतदान बुधवार को होना है। अजय पाल शर्मा किसी को डांटते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि वह टीएमसी प्रत्याशी जहांगीर खान के घर के बाहर पहुंचे हैं।
अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए वीडियो के साथ लिखा कि प. बंगाल में भाजपा ने ऑब्जवर के नाम पर रामपुर व संभल में टेस्ट किये हुए अपने एजेंट भेजे हैं लेकिन इनसे कुछ होने वाला नहीं। दीदी हैं, दीदी रहेंगी!
अखिलेश ने कहा कि सही समय आने पर भाजपा और उनके संगी-साथियों के इन जैसे ‘एजेंडों के एजेंटों’ की सारी आपराधिक करतूतों की गहरी जांच होगी और बेहद सख़्त दंडात्मक कार्रवाई भी। ये सब अधिकारी के रूप में अनरजिस्टर्ड लोगों के अनरजिस्टर्ड अंडरग्राउंड सदस्य हैं। हम न इन्हें भागने देंगे, न भूमिगत होने देंगे। ये खोज के लाए जाएंगे, खोद के लाए जाएंगे और अपने कुकृत्यों के लिए क़ानूनी सज़ा भी पाएंगे। लोकतंत्र के अपराधी बख़्शे नहीं जाएंगे!
आईपीएस अजय पाल शर्मा 2011 बैच के यूपी कैडर के अधिकारी हैं। अपने सख्त रवैये की वजह से उन्हें यूपी का ‘सिंघम’ और ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ भी कहा जाता है। उनकी कार्यशैली अपराधियों में ख़ौफ पैदा करती रही है। वह मूल रूप से पंजाब के लुधियाना के रहने वाले हैं। उन्होंने बीडीएस (डेंटल साइंस) की पढ़ाई की है। फिलहाल उनकी तैनाती प्रयागराज में ज्वाइंट सीपी के पद पर हैं। इससे पहले शामली, नोएडा, जौनपुर और रामपुर में एसपी के पदों पर तैनात रह चुके हैं।
ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने भी अजय पाल शर्मा को निशाने पर लिया है। प्रेस कांफ्रेंस कर टीएमसी ने अजय पाल शर्मा पर कई आरोप लगाए। उनके यूपी से जुड़े पुराने विवादों का ब्योरा देते हुए अजय पाल शर्मा की नियुक्ति पर सवाल उठाए हैं। टीएमसी का कहना है कि अजय पाल शर्मा का पुराना रिकॉर्ड विवादित रहा है। उन पर भ्रष्टाचार और एक महिला के उत्पीड़न के गंभीर आरोप लग चुके हैं। ऐसे में उन्हें निष्पक्ष चुनाव के लिए पर्यवेक्षक बनाना गलत है। टीएमसी ने आरोप लगाया कि अजय पाल शर्मा की कार्यशैली हमेशा विवादों में रही है। पार्टी ने मांग की है कि उन्हें तत्काल प्रभाव से पर्यवेक्षक के पद से हटाया जाए।

