तृणमूल उखाड़ने आया हूं, कैसे अमित शाह ने शुभेंदु अधिकारी के साथ ममता बनर्जी से भवानीपुर छीना

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पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को दोहरा झटका दे गए। सबसे बड़ा झटका भारतीय जनता पार्टी के हाथों 100 से ज्यादा सीटों के अंतर से हार है। वहीं, दूसरा झटका अपने ही गढ़ भवानीपुर में शिकस्त है। खास बात है कि सीएम बनर्जी को लगातार दूसरी बार भी शुभेंदु अधिकारी ने ही हराया है, जो कभी उनके करीबी माने जाते थे। हालांकि, अब वह भाजपा की जीत के बाद राज्य के मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदारों में शामिल हैं। जानते हैं कि आखिर कैसे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अधिकारी के साथ मिलकर भवानीपुर में जीत की स्क्रिप्ट लिखी।

खास बात है कि शाह ने ही अधिकारी को भवानीपुर से उतारने का फैसला किया था। जबकि, वह सिर्फ नंदीग्राम से ही चुनाव लड़ना चाहते थे। गृहमंत्री खुद भी यह बात बता चुके हैं। हाल ही में उन्होंने कहा था, ‘शुभेंदु दा हमारे नंदीग्राम से लड़ना चाहते थे। मैंने शुभेंदु दा को कहा था कि सिर्फ नंदीग्राम नहीं, ममता के घर में जाकर उसको हराना है।’

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा सूत्रों ने कहा कि गृह मंत्री ने ममता बनर्जी को उनके गढ़ में हराने के लिए अपनी पूरी ताकत लगाने का मन बना लिया था। इस दौरान शाह का शांत रहकर क्षेत्र में काम करते रहे।

रिपोर्ट के अनुसार, शुभेंदु को साथ लेकर शाह ने भवानीपुर में अपनी रणनीति लागू करने के लिए अलग ही टीम तैनात कर दी थी। भाजपा सूत्रों ने अखबार को बताया कि वह जितने भी दिन कोलकाता में रुके, तब उन्हें खासतौर से भवानीपुर को लेकर अलग से बैठकें की थी। इसके अलावा शाह की टीम ने भवानीपुर में हर बूथ पर बूथ स्तर प्रभारियों की तैनाती की थी।

इन टीमों के पास दो काम सौंपे गए थे। पहला, भाजपा के अंदर किसी भी कलह का पता करना और दूसरा जमीन पर तृणमूल कांग्रेस की धमकियों के बारे में सूचना देना। रिपोर्ट के मुताबिक, शाह का लक्ष्य था कि सभी भाजपा कार्यकर्ता सुबह 11 बजे से पहले वोट डाल दें और बाद में अधिक से अधिक मतदान कराने के लिए जुट जाएं। इस दौरान अन्य राज्यों से विधायकों समेत कई कार्यकर्ताओं को भी तैनात किया गया था।

मिनी इंडिया कही जाने वाली भवानीपुर सीट पर गुजराती मतदाताओं की संख्या 25 हजार है। जबकि, मारवाड़ी वोटर्स के मामले में यह आंकड़ा 21 हजार है। रिपोर्ट के अनुसार, शाह ने इन समूहों से अलग-अलग भी बात की थी और राय जानी थी। इतना ही नहीं तैयारियों के दौरान एक डिनर का भी आयोजन किया गया था।

अखबार के मुताबिक, इन समुदायों ने आरोप लगाए थे कि टीएमसी ने पिछले चुनावों में वोट ही नहीं डालने दिए थे। साथ ही कहा कि उनके नाम पर फर्जी वोट डाले गए थे। भाजपा के पदाधिकारी ने अखबार को बताया, ‘उन्होंने कहा कि अगर सोसाइटी को सुरक्षा दी जाए, तो वे खुलकर मतदान कर सकेंगे। शाह ने सुनिश्चित किया कि ऐसे हर संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा तैनात की जाए।’

मंगलवार को भाजपा की सीटों की संख्या बढ़कर 207 हो गई। राज्य की 294 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा की सीटों की यह संख्या राजारहाट-न्यू टाउन सीट पर वोटों की दोबारा गिनती होने के बाद पार्टी को मिली जीत के कारण हुई।

यह अतिरिक्त सीट तब मिली जब भाजपा उम्मीदवार पीयूष कनोडिया ने वोटों की दोबारा गिनती होने के बाद, तृणमूल कांग्रेस के दो बार के विधायक तापस चटर्जी को महज 309 वोटों के मामूली अंतर से हरा दिया। इस जीत ने पार्टी की कुल सीटों की संख्या को 206 से बढ़ाकर 207 कर दिया। ममता बनर्जी अपने गृह क्षेत्र भवानीपुर में भाजपा के शुभेंदु अधिकारी से 15,105 मतों से हार गईं।

शाह का एक पुराना वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह मुख्यमंत्री बनर्जी की तरफ से पूछे गए सवाल को याद कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि 12 सालों के बाद अब शाह का वादा पूरा हुआ है। वीडियो 1 दिसंबर 2014 का है। उस समय शाह कोलकाता के धर्मताल में एक रैली को संबोधित कर रहे थे। तब उन्होंने कहा था, ‘मित्रों, कुछ दिन पहले, यह रैली की जब बात चलती थी। तब ममता जी ने मीडिया के सामने एक छोटा सा सवाल पूछा था कि अमित शाह कौन है। ऐसा पूछा था। दीदी, अगर आप देख सकती हैं तो देख लीजिए। सुन सकती हैं तो सुन लीजिए। मैं अमित शाह हूं। मैं भारतीय जनता पार्टी का एक छोटा सा कार्यकर्ता हूं। मैं अमित शाह हूं। इस बंगाल की भूमि से तृणमूल को उखाड़ने के लिए आया हूं, वो आप समझ लीजिए।’

 

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