August 7, 2026

भाजपा-सपा यूपी में 2027 से पहले इस चुनाव के लिए सहेज रहीं तरकश के तीर, दावेदारों की बेचैनी बढ़ी

 उत्तर प्रदेश में अगले साल यानी 2027 में विधानसभा के चुनाव प्रस्तावित हैं। भाजपा, सपा, बसपा और कांग्रेस सहित सभी राजनीतिक दल इन चुनावों को लेकर दिन-रात तैयारी में जुटे हैं वहीं भाजपा और समाजवादी पार्टी विधानसभा चुनाव से पहले विधान परिषद की 11 सीटों के लिए होने वाले चुनाव के लिए तरकश के तीर सहेजने में जुट गई हैं। भाजपा ने पांच सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। बाकी सीटों को लेकर अभी मंथन का दौर चल रहा है। दावेदारों में बेचैनी है। वहीं समाजवादी पार्टी कई सीटों पर अपने प्रत्याशी घोषित कर चुकी है और तैयारी में जुटी है।

विधानसभा परिषद की 11 सीटों पर होने वाले इन चुनावों को 2027 के असेंबली चुनाव से पहले बेहद महत्वपूर्ण चुनाव माना जा रहा है। शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के 11 विधान परिषद सदस्यों (एमएलसी) का कार्यकाल इसी साल सात दिसंबर को खत्म हो रहा है। इनमें पांच सीटें स्नातक और छह शिक्षक कोटे की हैं। सपा पहले ही कई प्रत्याशी घोषित कर चुकी है और भाजपा पांच प्रत्याशियों के नाम का ऐलान कर चुकी है। माना जा रहा है कि इन सीटों पर चुनावी कार्यक्रम सितम्बर में जारी हो जाएगा। चुनाव इसी साल हो जाने की उम्मीद है। राजनीतिक दलों खासकर भाजपा और मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी के लिए 2027 के पहले इसे एक सेमीफाइनल के तौर पर देखा जा रहा है।

जानकारों का कहना है कि स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को चूंकि बुद्धिजीवियों का चुनाव माना जाता है इसलिए जिसके उम्मीदवार इस चुनाव में जीतेंगे उसके पास यह संदेश देने का मौका होगा कि पढ़े लिखे और बुद्धिजीवी लोग हमारे साथ हैं। हमेशा से इन चुनावों को काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। यदि हम वर्तमान स्थिति की बात करें तो सत्ताधारी दल भाजपा ने पिछले चुनाव में छह सीटों पर जीत दर्ज की थी। तीन पर समाजवादी पार्टी और एक-एक पर शिक्षक दल और निर्दलीय जीते थे।

भाजपा जीती हुई पांच सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। जबकि हारी हुई सीटों पर वह नए विकल्प तलाश रही है। कहा जा रहा है कि निर्दलीय आकाश अग्रवाल सहित कई अन्य पार्टी के संपर्क में भी हैं। आगरा खंड शिक्षक सीट से पिछला चुनाव आकाश अग्रवाल निर्दलीय जीते थे। हाल ही में जब वे भाजपा मुख्यालय में टहलते देखे गए तो इन चर्चाओं को बल मिल गया। उधर, शिक्षक दल के ध्रुव कुमार त्रिपाठी को लेकर भी चर्चाओं का बाजार गर्म है।

 

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