शिवसेना (उद्धव ठाकरे) नेता संजय राउत ने प्रधानमंत्री मोदी को एक क्रूर नेता करार देते हुए कहा है कि वह उस मिट्टी से आते हैं जहां औरंगजेब का जन्म हुआ था। इससे सियासी माहौल गरमा गया है। BJP ने पलटवार करते हुए कहा है कि विपक्ष पीएम मोदी से नफरत में इतना अंधा हो चुका है कि देश की जनता और नेताओं का अपमान कर रहा है। विपक्ष तो खुद औरंगजेब और गजनी जैसी ताकतों से प्रेरित है। उक्त बयानबाजी ऐसे वक्त में सामने आई है जब उद्धव ठाकरे गुट के कुछ सांसदों के पाला बदलने के कयास लगाए जा रहे हैं।
संजय राउत ने एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि देश की राजनीति में इससे पहले ऐसा ‘अघोरी’ शख्स कभी पैदा नहीं हुआ। इससे पहले इतना क्रूर शख्स कभी सामने नहीं आया। देश ने जवाहरलाल नेहरू, लाल बहादुर शास्त्री, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, पीवी नरसिंह राव, बाबासाहेब आंबेडकर और बालासाहेब ठाकरे जैसे महान नेता दिए हैं। लेकिन जब हम मोदी को देखते हैं तो खौफ पैदा होता है। ऐसा व्यक्ति कहां से आया है?
संजय राउत यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी उस मिट्टी से आते हैं, जहां औरंगजेब का जन्म हुआ था। औरंगजेब का जन्म गुजरात में हुआ था, है ना… वहीं भाजपा ने संजय राउत पर कड़ा पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी पीएम मोदी के प्रति नफरत में ‘पागल हो गए हैं’ क्योंकि वे उन्हें चुनावों में हरा नहीं सकते हैं। राउत ने न केवल प्रधानमंत्री मोदी का अपमान किया है वरन गुजरात का भी अपमान किया है।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि संजय राउत के बयान से साफ है कि विपक्ष ‘हताशा के नए स्तर’ पर पहुंच गया है। वह केवल नरेन्द्र मोदी और संवैधानिक पद का ही अपमान नहीं कर रहे वरन पूरे गुजरात को निशाना बना रहा है। कांग्रेस और उसके सहयोगी दल राजनीतिक हताशा के कारण पहले भी नरेन्द्र मोदी के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करते रहे हैं। अब तो कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने सारी सीमाएं लांघ दी हैं। राहुल गांधी पीएम मोदी के खिलाफ अनेक आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल कर चुके हैं।
शहजाद पूनावाला ने कहा कि विपक्ष की ओर से पीएम मोदी के लिए 150 से अधिक अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया जा चुका है। अब कांग्रेस के सहयोगी संजय राउत ने गुजरात को औरंगजेब की धरती बताया है। उन्होंने पीएम मोदी पर बेहद अपमानजनक टिप्पणी की है। इससे उनकी मानसिकता उजागर होती है। विपक्षी नेताओं के पास पीएम मोदी की आलोचना के लिए कोई ठोस मुद्दा नहीं है। यही कारण है वे अपमानजनक भाषा का सहारा लेते हैं। देशवासी उन्हें फिर इसका माकूल जवाब देंगे।
शहजाद पूनावाला ने कहा कि विपक्ष के नेता पीएम मोदी और भाजपा का विरोध करते-करते संवैधानिक पदों का भी अपमान करते हैं। वे राष्ट्रपति और लोकतांत्रिक रूप से चुने गए प्रधानमंत्री को अपशब्द कहते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि प्रधानमंत्री ओबीसी परिवार और एक चाय बेचने वाले परिवार से आते हैं। विपक्ष के नेता सबसे खराब भाषा का इस्तेमाल करते हैं और जिक्र प्रेम की करते हैं। असल में विपक्षी नेता प्रेम नहीं वरन अपमान और गाली-गलौज की राजनीति करते हैं। इसी सियासत ने उनको हर चुनावों में हार दिलाई है लेकिन वे लोग सुधरने का नाम नहीं लेते।

