प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर में बढ़ रहे साइबर अपराधों और ऑनलाइन धोखाधड़ी को लेकर सख्त रुख अपनाया है। पीएम मोदी ने 52वीं प्रगति मीटिंग की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने साइबर फ्रॉड पर नकेल कसने के लिए ई-जीरो एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए।
दरअसल, पीएम मोदी के नेतृत्व में हुई इस बैठक का मुख्य फोकस डिजिटल सिक्योरिटी को सख्त बनाना था। पीएम मोदी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे प्रत्येक राज्य के मुख्य सचिव और डीजीपी से इस मामले पर चर्चा करें ताकि ई-जीरो एफआईआर को देश भर में तेजी से लागू किया जा सके।
इससे पीड़ितों को न्यायिक बाधाओं से बचने और धोखाधड़ी वाले लेनदेन की जांच और अवरोधन में तेजी लाने में मदद मिलती है।
प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि पीएम मोदी ने नागरिकों को धोखा देने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्मों के बढ़ते दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त की और इस बात पर जोर दिया कि ऐसे मामलों में सभी संबंधित एजेंसियों द्वारा समन्वित, संवेदनशील और समयबद्ध तरीके से कार्रवाई की आवश्यकता है।
पीएम मोदी ने अधिकारियों को स्पष्ट जिम्मेदारी लेने, त्वरित कार्रवाई करने और कानून प्रवर्तन एजेंसियों, बैंकों और डिजिटल प्लेटफॉर्मों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया।

