अयोध्या में राम मंदिर से चढ़ावा चोरी के आठों आरोपितों की आज पेशी, वीडियो कांफ्रेसिंग से होगी सुनवाई

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दुनिया भर में रामभक्तों की आस्था को आघात पहुंचाने वाले राममंदिर चढ़ावा चोरी के आठों आरोपितों की सोमवार को वीडियो कांफ्रेसिंग से सुनवाई के आसार हैं।

अयोध्या में अधिवक्ताओं के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए कोर्ट प्रशासन ने दो बजे वीडियो कांफ्रेसिंग हॉल में सुनवाई का फैसला किया है।

श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की शिकायत पर रमाशंकर यादव टिन्नू सहित आठ लोगों के खिलाफ गुरुवार को आठ नामजद व एक अन्य अज्ञात आरोपी के खिलाफ रामजन्मभूमि थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई।

अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्र, मनीष यादव, राजेश पाठक, रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू, अविनाश शुक्ल, करुणेश पांडेय और सुभाष श्रीवास्तव।एसआईटी ने रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय के चालक रहे रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू सहित आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी की सिफारिश की थी। यह घटनाक्रम तब हुआ जब विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) भी राम मंदिर में मिले दान में कथित हेराफेरी को लेकर एफआईआर की मांग में शामिल हो गई।

आरोपितों पर एफआईआर में कई गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। इनमें आपराधिक विश्वासभंग, चोरी की संपत्ति रखने, आपराधिक साजिश और सामूहिक जिम्मेदारी जैसे आरोप हैं। सबसे गंभीर धारा 316(5) मानी जा रही है, जो किसी जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा सौंपे गए धन या संपत्ति के गबन/दुरुपयोग से जुड़ी है। इसमें आजीवन कारावास या दस वर्ष तक की सजा और जुर्माने का प्रविधान है।

दिर परिसर में चढ़ावा चोरी का मामला तब सामने आया जब सात जून को समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री पवन पांडेय ने राम मंदिर के दानपात्र और चढ़ावे से पांच करोड़ से 7.5 करोड़ रुपये की चोरी का आरोप लगाया।
इसके बाद अखिलेश यादव ने उसी दिन शाम सात बजे एक्स पर पोस्ट कर चढ़ावे में चोरी प्रकरण पर टिप्पणी की थी। सात जून की शाम को ही राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय ने स्पष्टीकरण जारी किया। यह मामला धीरे-धीरे तूल पकड़ता रहा और दस जून को प्रधानमंत्री कार्यालय से विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई।सरकार ने भी इसे गंभीरता से लिया और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 13 जून को लखनऊ के मंडलायुक्त डॉ. विजय विश्वास पंत के नेतृत्व में तीन सदस्यीय एसआईटी गठित कर रिपोर्ट मांगी थी।
प्रथमदृष्टया दोषी पाए गए लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई जाए। राम मंदिर ट्रस्ट का पुनर्गठन किया जाए और सभी सदस्यों की समान रूप से जिम्मेदारी तय की जाए। मंदिर ट्रस्ट में किसी प्रशासनिक अधिकारी को सीईओ के रूप में नियुक्त किया जाय।समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री पवन पांडेय ने राम मंदिर के दानपात्र और चढ़ावे से पांच करोड़ से 7.5 करोड़ रुपये की चोरी का आरोप लगाया। अखिलेश यादव ने शाम सात बजे एक्स पर पोस्ट कर चढ़ावे में चोरी प्रकरण पर टिप्पणी की थी। सात जून की शाम को ही राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय ने स्पष्टीकरण जारी किया।चंपत राय ने आरोपों को खारिज किया। मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र इसी दिन देरशाम अयोध्या आए और अगले दिन वापस चले गए।

 

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