Monday, July 06, 2026

शाहजहांपुर का जलालाबाद अब परशुराम पुरी, योगी आदित्यनाथ कैबिनेट ने लगाई 29 प्रस्तावों पर मुहर

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को उनके सरकारी आवास पर सम्पन्न कैबिनेट की बैठक में 29 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। कैबिनेट ने शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदलकर परशुराम पुरी करने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दे दी है।

शाहजहांपुर की नगर पालिका परिषद जलालाबाद क्षेत्र के तहत आने वाले कस्बे जलालाबाद का नाम परिवर्तित कर परशुराम पुरी करने के प्रस्ताव को कैबिनेट में स्वीकृति मिली है। मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ की अध्‍यक्षता में कैबिनेट बैठक में बड़ा फैसला हुआ है। शाहजहांपुर के जलालाबाद कस्‍बे का नाम बदलकर परशुराम पुरी करने का प्रस्‍ताव पास हो गया है।
नाम परिवर्तन के इस प्रक्रिया की शुरुआत मार्च 2018 से हुई थी। यह स्‍थान भगवान परशुराम की जन्‍मस्‍थली मानी जाती है। यहां भगवान परशुराम का एक प्राचीन मंदिर भी है। शाहजहांपुर नगर पालिका परिषद ने मार्च 2018 और सितंबर 2023 में बोर्ड बैठक में इस प्रस्‍ताव को पारित किया। शाहजहांपुर के तत्‍कालीन डीएम ने अपनी संस्‍तुति के साथ प्रस्‍ताव प्रदेश सरकार को भेजा था। प्रदेश सरकार ने इसे केंद्र सरकार को आगे भेज दिया था। केंद्र सरकार ने 20 अगस्‍त, 2025 को राज्‍य सरकार के प्रस्‍ताव को मंजूरी दे थी जिसे आज कैबिनेट बैठक में हरी झंडी दिखा दी गई है।

कई पौराणिक ग्रंथों में इस छोटे से कस्‍बे को भगवान परशुराम की जन्‍मभूमि के रूप में वर्णित किया गया है। यही वजह है कि 2022 में सरकार ने इसे परशुराम जन्‍मभूमि के रूप में आधिकारिक घोषणा की थी। बताया जाता है कि इस स्‍थान और मंदिर का इतिहास हजारों साल पुराना है।

शाहजहांपुर के इस तहसील का नाम जलालाबाद रखने के पीछे लोग कई तरह के तर्क देते हैं। उनका कहना है कि मुगल बादशाह जलालुद्दीन अकबर के सम्मान में इस कस्‍बे का नाम जलालाबाद रखा गया था।

प्रदेश सरकार राज्य में नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देने के लिए उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026 को स्वीकृति दी है। अगले पांच वर्षों तक प्रभावी रहने वाली इस नीति का उद्देश्य प्रदेश को देश के शीर्ष स्टार्टअप ईकोसिस्टम वाले राज्यों में स्थापित करना, युवाओं को उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करना और निवेश व रोजगार के नए अवसर सृजित करना है। नई नीति में हाईटेक और डीप-टेक क्षेत्रों पर विशेष फोकस रखते हुए स्टार्टअप को शुरुआती चरण से लेकर विस्तार तक व्यापक वित्तीय और संस्थागत सहयोग देने का प्रविधान किया गया है।

 

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