पश्चिम एशिया संकट के प्रभाव से अर्थव्यवस्था को बाहर निकालने और विकसित भारत की लक्ष्य प्राप्ति में तेजी लाने के लिए सरकार बड़े रिफार्म की ओर अग्रसर है। मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सभी विभागों के सचिवों की बैठक बुलाई है, जहां सचिव रिफॉर्म को लेकर अपने-अपने प्रस्तुतिकरण देंगे।
फरवरी आखिर में ईरान-अमेरिका युद्ध शुरू होने के बाद कैबिनेट सचिव ने विभिन्न सचिवों की अध्यक्षता में सात समूहों का गठन किया था। इस समूह ने कैबिनेट सचिव को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। इस रिपोर्ट का प्रस्तुतिकरण मंगलवार को प्रधानमंत्री के समक्ष दिया जाएगा।
यह सुझाव भी सचिवों को देना है। दूसरा टास्क है कि सचिव अपनी परिधि से आगे निकलकर कैसे काम कर सकते हैं। इस बारे में भी उन्हें बताना है। तीसरा टास्क है कि सचिव अपने-अपने विभाग में लाए जाने वाले सुधार के अलावा दूसरे विभाग के बारे में भी आइडिया व सुझाव देंगे।
शिपिंग सचिव विजय कुमार के नेतृत्व वाले समूह देश के लाजिस्टिक विकास की रूपरेखा तैयार करने के लिए कहा गया है। सूत्रों का कहना है कि सभी सचिव जो प्रस्तुतिकरण देंगे उनके आधार पर रिफार्म के अगले चरण की तैयारी होगी।
सूत्रों का कहना है कि इज ऑफ डूइंग बिजनेस में पिछले 10 सालों में बड़े सुधार हुए हैं, फिर भी निवेशकों को फैक्ट्री लगाने में दिक्कतें आती है। सप्लाई चेन व लाजिस्टिक को बेहतर करके मैन्यूफैक्चरिंग की कुल लागत कम की जा सकती है।

