August 19, 2026

यूपी में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को मिलेगा कैशलेस इलाज, सरकार ने शुरू की तैयारी

प्रदेश सरकार कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना का बड़ा विस्तार करने की तैयारी कर रही है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने स्वयं सहायता समूहों, विकसित भाारत-गारंटी फार रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जीरामजी) के श्रमिकों, रोजगार सेवकों, ब्लॉक रिसोर्स पर्सन (बीआरपी) और कम्युनिटी रिसोर्स पर्सन(सीआरपी) को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

साथ ही ग्राम्य विकास विभाग, उत्तर प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण, उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, यूपीएसआइआरडी सहित डीआरडीए में रिक्त पदों पर भर्ती के लिए जल्द अधियाचन भेजने को भी कहा गया है।

उपमुख्यमंत्री ने बुधवार को ग्राम्य विकास विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में रिक्त पदों की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि विभिन्न संस्थाओं व इकाइयों में रिक्त पदों का अधियाचन तत्काल संबंधित आयोग को भेजा जाए, जिससे भर्ती में विलंब न हो।

उन्होंने कहा कि रोजगार सेवकों के ईपीएफ भुगतान संबंधी परेशानियों का समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण किया जाए। वीबी- जीरामजी के लिए जिलेवार कार्ययोजना तैयार कर धन आवंटन और भविष्य की कार्ययोजनाओं के निर्धारण में सक्रिय भूमिका निभाई जाए।

योजना के क्रियान्वयन में ग्राम प्रधानों को आ रही समस्याओं के समाधान के लिए ब्लाक स्तर पर अधिकारियों की समिति गठित की जाए। उन्होंने अधिक से अधिक महिला श्रमिकों को जोड़ने के भी निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण और मुख्यमंत्री आवास योजना में आवास उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। ग्राम चौपाल का नियमित कैलेंडर तैयार कर और जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित कराएं। प्रत्येक शुक्रवार को ग्राम चौपाल की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।

पौधारोपण अभियान में लगे पौधों के संरक्षण को कार्ययोजना तैयार करें। जिलेवार ई-रिक्शा खरीद में भिन्नता की जानकारी प्राप्त होने पर मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित करने के निर्देश दिए। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन में जिला प्रबंधक व बीएमएम की भर्ती प्रक्रिया से संबंधित शिकायतों पर भी तीन सदस्यीय समिति गठित कर जांच कराने के निर्देश दिए।

कहा कि प्रक्रिया में पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और किसी भी प्रकार की शिकायत की निष्पक्ष जांच की जाए। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में सड़कों के निर्माण में एफडीआर तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी नियमित कर्मचारी अपने किसी रिश्तेदार को विभागीय योजनाओं में अनुचित लाभ का पात्र न बनाए। शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास सौरभ बाबू, आयुक्त ग्राम्य विकास जीएस प्रियदर्शी, मुख्य कार्यपालक अधिकारी ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण शिव सहाय अवस्थी, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के निदेशक अरुण कुमार आदि उपस्थित रहे।

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