सीएम ग्रिड योजना में भ्रष्टाचार का घोल, राइट्स की जांच में आगरा से लिए नमूने हुए फेल
सीएम ग्रिड योजना सीवर लाइन बिछाने के दौरान प्रयोग की जा रही निर्माण सामग्री में भ्रष्टाचार हुआ है। सामग्री का प्रयोग मानकों के अनुरूप नहीं मिला है। भ्रष्टाचार के घोल का पर्दाफाश थर्ड पार्टी आडिट में रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनामिक सर्विस (राइट्स) की जांच में हुआ है। निर्माण सामग्री के नमूने फेल मिलने पर मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप सख्त हुए हैं।
शहर में आधा दर्जन स्थलों में सीएम ग्रिड योजना में कार्य चल रहे हैं। 28 जून को आगरा आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सीएम ग्रिड के कार्य की धीमी गति पर नाराजगी जताई थी। संरक्षा के सभी इंतजाम करने के निर्देश दिए थे। मंडलायुक्त और डीएम को निरीक्षण के लिए कहा था। मंगलवार को कमिश्नरी सभागार में मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप ने सीएम योजना के कार्यों की समीक्षा की।
बैठक में निगम के अधिकारियों ने बताया कि बसई मंडी से इंदिरापुरम चौराहा तक 35 प्रतिशत कार्य हुआ है। सीवर लाइन बिछ चुकी है। निर्माण कार्यों के गुणवत्ता की जांच की हाल ही में जांच हो चुकी है। थर्ड पार्टी का कार्य राइट्स संस्था को मिला हुआ है। राइट्स के एक अधिकारी ने बताया कि सीवर लाइन बिछाने के दौरान निर्माण सामग्री का लैब टेस्ट किया गया था, जिसमें कुछ नमूने फेल हुए हैं।
निर्माण सामग्री मानकों के अनुरूप नहीं मिली है। इसकी रिपोर्ट निगम के अधिकारियों को भेज दी गई है। इस पर मंडलायुक्त सख्त हो गए। उन्होंने नगरायुक्त संतोष कुमार से पूछा कि नमूने फेल होने पर संबंधित इंजीनियर या अधिकारी के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है। अगर अभी तक नहीं हुई है तो इसकी रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए।
42.78 करोड़ रुपये से बन रही रोड की निर्माणदायी एजेंसी ईको ग्रीन, जय बिल्डर और बीकेएलसी संयुक्त रूप से हैं। अवर अभियंता कृष्ण गोपाल और सहायक अभियंता जीवेक सोनी हैं। मंडलायुक्त ने नगरायुक्त से कहा कि दोषी इंजीनियरों पर कार्रवाई की जाए। होटल अमर के नाले के आए दिन चोक होने की शिकायतें मिल रही हैं।
यह नाला ठीक से साफ हुआ है या नहीं, इसकी रिपोर्ट सहायक नगरायुक्त अशोक प्रिय गौतम से तलब की। इस साल नाला कब और कितने रुपये से साफ हुआ है। इसकी रिपोर्ट तलब की। बसई मंडी से होटल अमर के मध्य बिछाई जा रही सीवर लाइन की गुणवत्ता पर नजर रखने के निर्देश दिए। मंडलायुक्त ने कहा कि सभी निर्माण स्थलों में संरक्षा के इंतजाम ठीक तरीके से होने चाहिए।
नियमित अंतराल में इसकी जांच भी होनी चाहिए। समय-समय पर थर्ड पार्टी द्वारा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच की जाए। कार्रवाई की रिपोर्ट अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए। मजदूरों की संख्या का भी मूल्यांकन किया जाए। एडीएम प्रशासन आजाद भगत सिंह मौजूद रहे।
अगर कार्य के दौरान जलभराव होने से कोई दुर्घटना हुई तो संबंधित ठेकेदार और अनुबंधित फर्म के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हर्जाना भी वसूला जाएगा। मंडलायुक्त ने मुख्य पानी और सीवर लाइन बिछाने के लिए शासन को रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए। इससे दूसरी अनुबंध फर्म से यह कार्य कराए जा सकेंगे।
