September 3, 2026

नीतीश और चिराग की पार्टियां हुईं मालामाल, जदयू और लोजपा को मिला कई गुना ज्यादा चंदा

बिहार विधानसभा चुनाव के पूर्व राज्य के सभी राजनीतिक दलों को चुनावी चंदा मिला। संस्थान और आम लोगों ने बड़े दलों को चंदा देने में ज्यादा रुचि दिखाई। वित्तीय वर्ष 2023-24 की तुलना में वर्ष 2024-25 में बिहार से संबंधित राजनीतिक दलों को अधिक चंदा मिला। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइडेट (JDU) और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) चंदा पाने में आगे रहीं। दोनों ही दलों को पिछले साल की तुलना में इस बार कई गुना ज्यादा चंदा मिला।

जदयू को 1.81 करोड़ की तुलना में 18.69 करोड़ रुपये चंदा मिला, जो कि लगभग 10 गुना अधिक है। वहीं, लोजपा-आर को 11.67 लाख की तुलना में 11.09 करोड़ रुपये चंदा मिला, जो कि लगभग 100 गुना ज्यादा है। वहीं, लेफ्ट पार्टी भाकपा माले को 43 लाख की तुलना में 49 लाख रुपये चंदा मिला। चुनाव आयोग से मिली जानकारी के अनुसार, लालू एवं तेजस्वी यादव की पार्टी आरजेडी ने अब तक वित्तीय वर्ष 2024-25 में चुनावी चंदे का ब्योरा दाखिल नहीं किया है। असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम को वर्ष 2023-24 में 9 लाख रुपये चुनावी चंदा हासिल हुआ था जबकि 2024-25 में उसे किसी ने चंदा नहीं दिया।

राष्ट्रीय दलों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को मिलने वाली चंदे की रकम में भारी बढ़ोतरी हुई है, जबकि कांग्रेस को मिलने वाली चंदे की रकम में भारी कमी आई है। भाजपा को 2023-24 में 3967 करोड़ रुपये चंदा के रूप में हासिल हुआ था जबकि 2024-25 में चंदे की रकम बढ़कर 6654 करोड़ रुपये हो गई।

चुनाव आयोग को दी गई जानकारी के अनुसार, जदयू को सबसे ज्यादा चंदा इलेक्टोरल ट्रस्ट से हासिल हुआ। प्रोग्रेसिव इलेक्टोरल ट्रस्ट ने 10 करोड़, प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट ने 5 करोड़ और समाज इलेक्टोरल ट्रस्ट एसोसिएशन से 2 करोड़ रुपए दिए हैं। 2024-25 में पार्टी को इलेक्टोरल ट्रस्ट, कंपनियों और व्यक्तियों समेत कुल 66 संस्थाओं से 18.69 करोड़ रुपए मिले हैं।

वहीं, लोजपा (रा) को सबसे ज्यादा 10 करोड़ रुपये का चंदा प्रोग्रेसिव इलेक्टोरल ट्रस्ट से मिला है, जबकि एक करोड़ रुपये प्रुडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट ने दिए हैं। पार्टी सांसदों के अलावा निजी कंपनियों व व्यक्तिगत रूप से पार्टी को चंदा उपलब्ध कराया गया है। चुनाव आयोग की मानें तो भाकपा माले को साल 2023-24 में 43 लाख 579 रुपये का चंदा हासिल हुआ था। जो साल 2024-25 में 6 लाख 95 हजार 186 रुपये अधिक है। पार्टी को ज्यादातर विधायक और पूर्व विधायक ने ही चंदा दान किया है।

भाकपा माले को वाराणसी, प्रयागराज, गाजीपुर,पिथौरगढ़ ( उत्तराखंड ) से चंदा हासिल हुआ। भाजपा को पिछले वित्तीय वर्ष में 3 हजार 967 करोड़ रुपये चंदा के तौर पर मिला था जबकि 2024-25 में चंदे के रूप में 6 हजार 654 करोड़ रुपये मिले। जबकि, कांग्रेस को पूर्व में 522.13 करोड़ रुपये मिले थे।

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