श्रीलंका के तेज गेंदबाज नुवान तुषारा ने इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल के मौजूदा सत्र में खेलने के लिए गुरुवार 2 अप्रैल को अदालत से हस्तक्षेप करने की मांग की, क्योंकि देश के क्रिकेट बोर्ड ने फिटनेस टेस्ट में नाकाम रहने के कारण उन्हें अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) देने से इनकार कर दिया था। 31 वर्षीय खिलाड़ी को आईपीएल 2025 के मेगा ऑक्शन में 1.6 करोड़ रुपये में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु यानी आरसीबी ने खरीदा था। इसके बाद 2026 के सीजन के लिए इसी रकम पर उन्हें रिटेन किया गया था।
श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने फिटनेस का हवाला देकर उन्हें एनओसी नहीं दी है। यही कारण है कि नुवान तुषारा ने कोलंबो जिला न्यायालय में मामला दायर कर श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) को एनओसी जारी करने का आदेश देने की मांग की है। इस मामले की सुनवाई 9 अप्रैल को होगी। स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार 2022 से अपने देश के लिए 30 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके इस खिलाड़ी ने दलील दी है कि एसएलसी के साथ उनका अनुबंध 31 मार्च को समाप्त हो गया था और वह इसे आगे नहीं बढ़ाना चाहते हैं।
तुषारा ने कहा कि उन्होंने एसएलसी को अपना अंतरराष्ट्रीय करियर समाप्त करने की अपनी इच्छा के बारे में बता दिया था। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में फिटनेस टेस्ट में असफल होने के कारण एनओसी नहीं देने के फैसले को अदालत को रद्द कर देना चाहिए। एसएलसी ने राष्ट्रीय टीम में चयन के लिए फिटनेस टेस्ट अनिवार्य कर दिया है। तुषारा ने कहा कि उनकी फिटनेस का स्तर कभी भी कम नहीं पाया गया और उन्हें पहले भी एसएलसी ने इसी तरह के फिटनेस स्तर पर खेलने की अनुमति दी थी।
तुषारा को आरसीबी ने 2025 में 1.6 करोड़ रुपये में खरीदा था। उन्होंने पिछले सत्र में टीम की तरफ से एक मैच खेला था। इस तेज गेंदबाज ने अभी तक कुल मिलाकर 137 टी20 मैचों में 21.25 के औसत से 174 विकेट लिए हैं। सवाल ये है कि क्या वाकई में नुवान तुषारा फिट हैं या फिर श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड उनके साथ गलत व्यवहार कर रहा है। बहरहाल, बोर्ड और खिलाड़ी के बीच तकरार जारी है। आरसीबी ने अभी तक उनके रिप्लेसमेंट का ऐलान नहीं किया है। उनके रिप्लेसमेंट के तौर पर नवीन उल हक दावेदारों में शुमार हैं।

