अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी का खुलासा होने के तुरंत बाद गठित किए गए विशेष जांच दल की अंतिम (विस्तृत) रिपोर्ट लगभग तैयार है। जांच के दौरान आए तथ्यों, साक्ष्यों तथा बयानों की स्क्रूटनी चल रही है, ताकि रिपोर्ट में किसी तरह की कमी न रहने पाए। एसआईटी ने स्टेटस रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में भी दाखिल की है। एसआईटी इसी हफ्ते अपनी फाइनल रिपोर्ट सौंप सकती है।
दूसरी रिपोर्ट दाखिल करने से पहले सभी तथ्यों पर दोबारा जांच चल रही है। रिपोर्ट को अंतिम रूप देने से पहले विधि विशेषज्ञों से भी राय ली जाएगी। विस्तृत रिपोर्ट में आधारहीन आरोपों को शामिल नहीं किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक अंतिम रिपोर्ट लगभग तैयार कर ली गई है। अब तथ्यों की दोबारा जांच की जा रही है ताकि हर सवाल के जवाब रिपोर्ट में शामिल रहें। पता चला है कि एसआईटी ने सोशल मीडिया पर चल रहे तथ्यहीन आरोपों तथा आधारहीन बयानबाजी को खारिज कर दिया है।
केवल वही आरोप शामिल किए गए हैं, जिनके प्रमाणिक साक्ष्य मिले हैं। इसके अलावा मंदिर प्रबंधन, चढ़ावा गणना सिस्टम, सर्विलांस सिस्टम जैसे सुधारों को भी रिपोर्ट में जगह दी गई है। अंतिम रिपोर्ट सौंपने से पहले विधि विशेषज्ञों से भी सलाह ली जा रही है ताकि किसी तरह के सवाल न उठने पाएं। सूत्रों के मुताबिक एसआईटी ने विस्तृत रिपोर्ट को अंतिम रूप दे दिया है। इसी सप्ताह रिपोर्ट सौंपी जा सकती है। पहले गठित की गई तीन सदस्यीय एसआईटी में लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक किरण एस और विशेष सचिव (वित्त) नील रतन शामिल हैं। इसका गठन 13 जून को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट के अनुरोध पर प्रदेश सरकार द्वारा किया गया था।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति में समय लगना तय है क्योंकि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के द्वारा सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रमोद कोहली की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी की ओर से सीईओ के नामों का पैनल सौंपने को अतिरिक्त समय मांगा गया है।
एसआईटी ने 23 जुलाई को राज्य सरकार को नौ पन्नों की प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी थी। इसके बाद एफआईआर दर्ज हुई और आठ आरोपी गिरफ्तार किए गए। मंदिर से चढ़ावे की कथित चोरी की रकम बरामद हुई। दबाव बढ़ा तो ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय तथा ट्रस्टी अनिल मिश्रा को इस्तीफा देना पड़ा। सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के नेतृत्व में नई एसआईटी गठित करने का आदेश दिया है। इस क्रम में शासन ने नई टीम गठित कर दी है। इस टीम ने भी जांच शुरू कर दी है लेकिन पहले गठित की गई एसआईटी अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपेगी।

