क्या शेख हसीना, जिन्हें देश छोड़कर भागना पड़ा, अब अपनी पार्टी के नेताओं के जरिए सत्ता के गलियारों में बैकडोर एंट्री की तैयारी कर रही हैं? ये सवाल इसलिए उठ रहे हैं क्योंकि ‘जुलाई क्रांति’ से नेता बने और अब नेशनल सिटीजन पार्टी (NCP) के संयोजक नाहिद इस्लाम ने बेहद सनसनीखेज दावा किया है. उन्होंने जो सबूत दिए हैं, वह बांग्लादेश के अंदर की बात बताते हैं.
राजनीति में कहा जाता है कि नेता पद छोड़ सकता है, देश छोड़ सकता है, लेकिन उसका सियासी वजूद रातों-रात खत्म नहीं होता. बांग्लादेश में इन दिनों कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है. पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना भले ही देश से दूर हों, लेकिन उनकी पार्टी अवामी लीग का बेस इतना बड़ा है कि उसे बांग्लादेश के नक्शे से मिटाना नामुमकिन साबित हो रहा है. शेख हसीना को सत्ता से हटाने में अहम भूमिका निभाने वाले नेशनल सिटीजन पार्टी (NCP) के संयोजक नाहिद इस्लाम ने चौंकाने वाला दावा किया है. उनका कहना है कि शेख हसीना की पार्टी के नेता अब दूसरी पार्टियों के जरिए मुख्यधारा की राजनीति में लौटने की तैयारी कर रहे हैं. इसे शेख हसीना की बैकडोर एंट्री के तौर पर देखा जा रहा है. नाहिद इस्लाम के दावों ने अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस के सामने एक नई चुनौती खड़ी कर दी है.
5 अगस्त के बदलाव के बाद बांग्लादेश में अवामी लीग के लिए हालात चुनौतीपूर्ण हो गए हैं. पार्टी के कई बड़े नेताओं पर मुकदमे दर्ज हैं. लेकिन अवामी लीग बांग्लादेश की सबसे पुरानी और बड़ी पार्टियों में से एक है, जिसका हर गांव और कस्बे में अपना एक मजबूत वोट बैंक और कार्यकर्ता नेटवर्क है.
नाहिद इस्लाम का दावा है कि विपक्षी पार्टियां खासकर खालिदा जिया की पार्टी बीएनपी और जमात-ए-इस्लामी अवामी लीग के इस विशाल वोट बैंक की ताकत को समझती हैं. द डेली स्टार के एक कार्यक्रम में नाहिद ने कहा, इन वोटों को अपने पाले में करने के लिए पर्दे के पीछे एक खेल चल रहा है. दूसरी पार्टियां अवामी लीग के नेताओं को ऑफर दे रही हैं कि अगर वे उनका समर्थन करें, तो उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस ले लिए जाएंगे या उन्हें सुरक्षा दी जाएगी.

