‘ब्राह्मण समाज का हितैषी होने का स्वांग न रचें…’, पूर्व सीएम अखिलेश यादव के आरोप पर ब्रजेश पाठक का पलटवार
बीजेपी के द्वारा ब्राह्मणों को निशाना बनाए जाने के समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के आरोप पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने उन्हें जवाब दिया है।
ब्रजेश पाठक ने शनिवार को अपने आधिकारिक X हैंडल पर कहा कि अखिलेश यादव ब्राह्मण समाज का हितैषी होने का स्वांग रच रहे हैं लेकिन बीते मौकों पर वह पत्रकारों की जाति पूछ कर यह तक कह चुके हैं कि मिश्रा जी कुछ तो शर्म करो।
पाठक ने कहा कि इस तरह के बयान ब्राह्मण समाज की छाती में आज भी चुभ रहे हैं और अखिलेश यादव का राजनीतिक विमर्श एक ही परिवार के इर्द-गिर्द घूमता है। पाठक ने कहा है कि समाजवादी नेता डॉक्टर राम मनोहर लोहिया परिवारवाद के सबसे बड़े विरोधी थे और कहते थे कि जो परिवार से सटेगा वह समाज से कटेगा।
पाठक ने कहा कि आज जो लोग लोहिया के नाम पर राजनीति करते हैं उन्होंने उनके विचारों को त्याग दिया है और लोहिया परिवार को सत्ता दिलाने की राजनीति को कभी स्वीकार नहीं करते।
जनता जानती है फर्क
यूपी में बीजेपी के बड़े चेहरे और ब्राह्मण समुदाय से आने वाले पाठक ने कहा कि बीजेपी की राजनीति “राष्ट्र प्रथम, संगठन सर्वोपरि और अंत्योदय” के सिद्धांत पर आधारित है जबकि परिवारवादी राजनीति का मूल मकसद सत्ता को एक परिवार तक सीमित रखना है। उन्होंने कहा कि जनता इस फर्क को बहुत अच्छे ढंग से समझती है।
उन्होंने कहा कि समाज का उत्थान किसी एक परिवार को सत्ता दिलाने से नहीं, बल्कि हर वर्ग को समान अवसर, न्याय और सम्मान देने से होता है।
इससे पहले, पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने दिवंगत समाजवादी नेता जनेश्वर मिश्र की जयंती पर सपा के ‘प्रबुद्ध सम्मेलन’ (ब्राह्मण सम्मेलन) में बीजेपी पर ब्राह्मणों का उत्पीड़न करने का आरोप लगाया था।
